वैदिक शास्त्रों मैं अग्निहोत्र विधि के वाद सबसे महत्वपूर्ण विधि है दर्शपूर्णमास विधि। दर्श का अर्थ है अमावास्या ओर पूर्णमास का अर्थ है पूर्णिमा। अमावास्या ओर पूर्णिमा को किये जानेवाले विधि को दर्शपूर्णमास विधि कहते हैं। यह यद्यपि नैत्यिक कर्म नहीं है किन्तु नै. कर्म भी नहीं है।
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Shiva bhajan
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