वैदिक शास्त्रों मैं अग्निहोत्र विधि के वाद सबसे महत्वपूर्ण विधि है दर्शपूर्णमास विधि। दर्श का अर्थ है अमावास्या ओर पूर्णमास का अर्थ है पूर्णिमा। अमावास्या ओर पूर्णिमा को किये जानेवाले विधि को दर्शपूर्णमास विधि कहते हैं। यह यद्यपि नैत्यिक कर्म नहीं है किन्तु नै. कर्म भी नहीं है।
Showing posts with label कर्मकाण्ड. Show all posts
Showing posts with label कर्मकाण्ड. Show all posts
Friday, 30 January 2026
Subscribe to:
Posts (Atom)
Shiva stotram hindi
नमामि देवं शशिशेखरं त्वां नमामि शम्भुं हृदि भावगम्यम्। नमामि रुद्रं परमं पुराणं नमामि नित्यं शिवमद्वितीयम्॥१॥ निराकारं त्वां परमार्थरूपं निर...
-
Introduction Shiva temples are not just architectural marvels; they are sanctuaries of inner transformation. Every bell, every lamp, ever...
-
The Deeper Meaning of Shiva Temples: A Fourfold Understanding Introduction Welcome to this sacred and spiritual journey. Today, let us und...
-
इस ब्लॉग के हर एक पोस्ट मे मैने उपस्कारक ग्रंथ सूचि दे दिया है। मेरे वहुत सारे मित्र पूछ रहे है इस ब्लॉग के लिखने के लिए किस किस पुस्तक क...